Sunday, 4 August 2013

islam ke Dushman yeh log


इस्लाम में पाखण्ड और अंधश्रद्धा का कारण

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पुस्तके

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     जिहाद के प्रलोभन : सैक्स व लूट
अनवर शेख

   इस्लाम-अरब साम्राज्यवाद
अनवर शेख



     इस्लाम ही आतंकवाद
पं० महेन्द्र पाल आर्य (पूर्व मौलवी महबूब अली )

    इस्लामिक आतंकवाद का इतिहास 
लक्ष्मी शंकराचार्य


  भारतीय मुसलमानों के हिन्दू पूर्वज मुसलमान कैसे बने पुरुषोत्तम

   चोदहवी का चाँद चमूपति एम ऐ०by : Saffron Hindurashtra(रोहित शर्मा)


   रंगीला रसूल चमूपति एम ऐ०by : रोहित शर्मा


   हिन्दुस्थान में मदरसे
देवेन्द्र मित्तल

   जिहाद और गैर मुसलमान
डा० कृष्ण वल्लभ पालीवाल

   जिहादियों को जन्नत केवल कियामत बाद
डा० कृष्ण वल्लभ पालीवाल

   भारतीय इतिहास का विकृतीकरण
रघुनंदन प्रसाद शर्मा


   तालिबान – इस्लाम व शांति
मुझे लोगों से तब तक युद्ध करने का आदेश मिला है जब तक वे यह न सत्यापित करने लगेकि अल्लाह के अतिरिक्त कोई और उपास्य नहीं है


    क्या गैरमुसलमानों पर इस्लाम स्वीकार करना अनिवार्य है ?
शैख मुहम्मद बिन सालेह अल – उसैमीन रहिमहुल्लाह
islamhouse.com से साभार


   इस्लाम कामवासना और हिंसा
अनवर शेख
कोई भी ईश्वर अपने अनुयायी बनाने हेतु कामवासना पूर्ति और हिंसा का मार्ग नहीं अपनाएगा । दैवत्व की अवधारणा के प्रति घातक हॊने के कारण यह ईश निंदा है । यह तो केवल अरब साम्राज्य बनाने के लिए मोहम्मदी योजना का अंग है


कुरान की आयतों पर अदालत का निर्णय
कुरान मजीद की पवित्र पुस्तक के प्रति आदर रखते हुए उक्त आयतों के सूक्ष्म अध्ययन से स्पष्ट होता है कि ये आयतें बहुत हानिकारक हैं और घृणा की शिक्षा देती हैं


अयोध्या विवाद का हल
डा० सुरेन्द्र
इस पुस्तक का उद्देश्य है न्यायालय की मनमानी से भारत की विशाल जनता को छुटकारा दिलाना और अयोध्या में विवादित स्थल पर श्री राममंदिर का निर्माण करना


दी गीता आन मैनेजमैण्ट
डा० मोहन खुराना
हमारी आदरणीय पुस्तक गीता जो संसार में व्यापक रूप से पढ़ी जाती है ने जीवन के हर पहलू को छुआ है


सूफियों द्वारा भारत का इस्लामीकरण
पुरुषोत्तम
इस लिहाज से मैं सूफियों और पीरों को इस्लाम में भर्ती कराने वाली संस्था ही मानता हूं और मेरी चुनौती है कि कोई इसके विपरीत तथ्य नहीं ला सकता है

इस्लाम – अरब राष्ट्रीयता का साधन
अनवर शेख
इस विचारधारा का आधार मुसलमानों के इस अन्ध विश्वास पर है कि मुहम्मद उन्हें स्वर्ग दिलवा सकता है ———————


मुस्लिम राजनीतिक चिंतन और आकांक्षाएं
ले0 ज0 पुरुषोत्तम
पृथ्वी तो अल्लाह और उसके रसूल की है इसीलिए अपनी छिनी हुई वस्तु की पुनः प्राप्ति के लिए निरंतर जिहाद करना विधिसम्मत है


आज इस्लाम के मसले
इरशाद मांजी
मुझे मुस्लिम होने से इनकार नहीं है पर मैं उस यंत्र मानव की तरह नहीं बनना चाहती जो अल्लाह के नाम पर चुपचाप चलते जाते है

   इस्लाम के सैनिक
ले0 ज0 पुरुषोत्तम

   Minorities and Social Justice: Problems & Policy Options
by B. P. Singhal

   Why Muslims Destroy Hindu Temples
अनवर शेख

   ISLAMISATION OF INDIA BY SUFIS
पुरुषोत्तम
इस लिहाज से मैं सूफियों और पीरों को इस्लाम में भर्ती कराने वाली संस्था ही मानता हूं और मेरी चुनौती है कि कोई इसके विपरीत तथ्य नहीं ला सकता है

   Jihad In the Way of Allah
डा० कृष्ण वल्लभ पालीवाल
( हिन्दू राइटर्स फोरम )

   Two Faces of jihad
डा० कृष्ण वल्लभ पालीवाल
( हिन्दू राइटर्स फोरम )

   The Meaning of jihad
डा० कृष्ण वल्लभ पालीवाल
( हिन्दू राइटर्स फोरम )

   Jihad & Jannt in Hadis
डा० कृष्ण वल्लभ पालीवाल
( हिन्दू राइटर्स फोरम )

   CristmaS – Fact or Fiction
डा० कृष्ण वल्लभ पालीवाल
( हिन्दू राइटर्स फोरम )

   ISLAM THE ARAB IMPERIALISM
अनवर शेख

   The Condition Of a Non Muslim In a Islamic State
Samuel Shahid

   THE GLORY THAT IS HINDUTVA
by B. P. Singhal


   क्या हिन्दू मिट जाएंगे


   भारत की संत परम्परा और सामाजिक समरसता
हिन्दू समाज में अनेक कुरीतियां रही होंगी अथवा विद्यमान भी होंगी परंतु साथ ही साथ उनके सुधारने के आंदोलन भी चलते ही रहे हैं । इसी प्रकार से हिन्दू समाज के भीतर छुआछूत व जाति पांति की समस्या भी है । परंतु साथ ही साथ यह भी देखने में आया है कि भगवान बुद्ध के समय से ही ( लगभग २५०० ) वर्ष पूर्व से ही संतो ने जन्मना जाति भेदभाव के विरुद्ध आंदोलन खड़ा किया ।इन हजारों वर्षों में संतों ने छुआछूत को मिटाने के क्या प्रयत्न किए ?

गाथांए पंजाब की भाग – 3
उसने यह कहा ही था कि दुनिया ने एक चमत्कार देखा जिसकी आज भी लोग कल्पना करके दांतो तले उंगली दबा लेते हैं । बाबाजी का सिर धड़ से अलग हो चुका था । फतेह सिंह के शब्दों ने जादू का सा असर किया । उन्होंने अपने बांए हाथ से अपने सिर को पकड़ लिया ।अपने दांए हाथ से वे अपना भारी खंडा चलाते रहे ।


हूं तो मुगलानी हिन्दुआनी रहूंगी मैं
वचनेश त्रिपाठी
भारत के वे मुस्लिम संत जो भारतीयता की भावनाओं से परिपूर्ण थे

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